दूरस्थ और हाथी प्रभावित वनांचल क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल योजना एक बार फिर कारगर साबित हुई है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उरबा में कक्षा नवमी में अध्ययनरत 25 छात्राओं को निःशुल्क साइकिल का वितरण किया गया। साइकिल पाकर छात्राओं और उनके अभिभावकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।

कार्यक्रम में मुख्यअतिथि जनपद पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सबलसाय राठिया पेलमा, विशिष्ट अतिथि सुग्रीव राठिया सरपंच ग्राम पंचायत पेलमा, ग्राम पंचायत उरबा की सरपंच श्रीमती रामदुलारी राठिया, एसएमडीसी सदस्य रामसिंह राठिया, ग्राम उरबा से भानू राठिया , अभिभावकगण तथा आसपास के गांवों से आए जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक गरिमामयी उपस्थिति में शामिल हुए। संकुल केंद्र उरबा के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं भी इस अवसर पर मौजूद रहीं।

गौरतलब है कि रायगढ़ जिले का तमनार ब्लॉक के अंतिम छोर पर स्थित उरबा आस पास वनांचल होने के कारण हाथी प्रभावित माना जाता है। ऐसे में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उरबा में दूर-दराज और वन क्षेत्र के गांवों से आने वाली बालिकाओं को विद्यालय पहुंचने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आवागमन की यह समस्या कई बार उनकी नियमित पढ़ाई में बाधा बनती थी। लेकिन राज्य शासन की इस योजना ने बेटियों के लिए शिक्षा का रास्ता न केवल आसान किया है, बल्कि उनके सपनों को भी नई गति दी है।

साइकिल वितरण के बाद छात्राओं ने कहा कि अब उन्हें पैदल लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और समय पर विद्यालय पहुंचना आसान होगा। अभिभावकों ने भी शासन की इस पहल को सराहते हुए कहा कि इससे बेटियों की पढ़ाई छूटने का खतरा काफी हद तक कम हुआ है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और उपस्थित जनसमुदाय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंच संचालन का दायित्व सिदार सर केद्वारा निभाया गया।
वनांचल की बेटियों के हाथों में जब साइकिल की चाबी थमाई गई, तो यह केवल एक साधन नहीं, बल्कि शिक्षा की राह पर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास और उम्मीद का प्रतीक बन गई।

EDITOR VS KHABAR
