तमनार। राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के अंतर्गत तमनार विकासखंड में बच्चों के नेत्र स्वास्थ्य को लेकर विशेष जागरूकता एवं नेत्र जांच अभियान चलाया गया। विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों, छात्रावासों एवं आश्रमों में आयोजित इस अभियान के दौरान कुल 1171 बच्चों की आंखों की जांच की गई। जांच में 169 बच्चे दृष्टि दोष से पीड़ित पाए गए, जिन्हें आवश्यकतानुसार निःशुल्क चश्मा वितरण के लिए चिन्हांकित किया गया है।
यह अभियान विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. पैकरा जी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा संचालित किया गया। नेत्र जांच अभियान में अर्जुन कुमार बेहरा, नेत्र सहायक अधिकारी, लक्ष्मी प्रसाद सारथी, नेत्र सहायक अधिकारी एवं शिवलाल साहू, नेत्र सहायक अधिकारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों की नेत्र जांच की तथा उन्हें आंखों की देखभाल से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की।
नेत्र जांच अभियान के दौरान शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कुंजेमुरा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बड़गांव, कन्या आश्रम गोढ़ी, कन्या पूर्व माध्यमिक शाला गोढ़ी, कन्या हाई स्कूल गोढ़ी, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सराईटोला, बजरमुड़ा, आमगांव, प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास तमनार, पोस्ट-मैट्रिक बालक छात्रावास तमनार, आदिवासी कन्या आश्रम गोढ़ी तथा प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास गोढ़ी सहित विभिन्न संस्थानों में बच्चों की आंखों की जांच की गई।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि आंखों की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। धुंधला दिखाई देना, लगातार सिरदर्द होना, किताब को बहुत पास रखकर पढ़ना, आंखों में दर्द या जलन जैसी समस्याएं दिखाई देने पर समय रहते नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना आवश्यक है। समय पर जांच एवं उपचार से बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन में होने वाली परेशानियों को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
नेत्रदान के प्रति भी किया गया जागरूक
अभियान के दौरान विद्यार्थियों एवं संबंधित लोगों को नेत्रदान के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाने में सहायक हो सकता है। लोगों से नेत्रदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा समाज में इसके लिए जागरूकता फैलाने की अपील की गई।

169 बच्चों को मिलेगा निःशुल्क चश्मा
अभियान में दृष्टि दोष पाए गए 169 बच्चों को निःशुल्क चश्मा उपलब्ध कराने के लिए चिन्हांकित किया गया है। चश्मा मिलने के बाद इन बच्चों को पढ़ाई के दौरान बेहतर दिखाई देने के साथ ही उनकी दैनिक गतिविधियों में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में आंखों से संबंधित किसी भी प्रकार की परेशानी दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज न करें और समय पर उनकी नेत्र जांच करवाएं। विभाग द्वारा इस तरह के जागरूकता एवं जांच अभियान के माध्यम से बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

EDITOR VS KHABAR
