धौराभाठा।
कार्यालय आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित धौरभाठा में अवैध धान कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। ग्राम बिजना के एक किसान द्वारा गर्मी का 35 बोरी धान बेचने के उद्देश्य से लाए जाने पर नायब तहसीलदार रश्मि पटेल ने त्वरित एवं विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए धान को जप्त कर लिया। यह कार्रवाई शासन के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई, जिससे अवैध धान खरीदी–बिक्री करने वालों में हड़कंप मच गया है।
विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो ग्राम बिजना पहले से ही प्रशासन की निगरानी में है। हाल ही में इसी गांव से 951 बोरी धान जप्त किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से ओडिशा से धान लाकर स्थानीय किसानों के माध्यम से खपाने का संगठित प्रयास किया जाता रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण धौराभाठा मंडी अवैध धान की आवाजाही के लिहाज से संवेदनशील मानी जाती है।
धौराभाठा मंडी ओडिशा सीमा के अत्यंत नजदीक स्थित है, इसी वजह से शासन द्वारा यहां विशेष सतर्कता और कड़ी निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन द्वारा नियमित जांच, दस्तावेजों का सत्यापन, स्रोत की पड़ताल और अचानक निरीक्षण जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। नायब तहसीलदार रश्मि पटेल की इस त्वरित कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई होगी।

इस कार्रवाई से न केवल धान कोचियों के मंसूबों पर पानी फिरा है, बल्कि ईमानदार किसानों में भी विश्वास जगा है कि शासन उनकी मेहनत की फसल की सुरक्षा के लिए गंभीर है। स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन की इस सख्ती की खुले तौर पर प्रशंसा की है और कहा है कि यदि इसी तरह सतत कार्रवाई होती रही तो अवैध धान कारोबार पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सीमावर्ती मंडियों पर विशेष नजर रखी जाएगी और ओडिशा से आने वाले अवैध धान पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। धौराभाठा क्षेत्र में चल रही यह सख्त मुहिम स्पष्ट संकेत है कि धान कोचियों के लिए अब कोई जगह नहीं, और शासन के निर्देशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
तमनार सें नरेश राठिया की विशेष रिपोर्ट


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