रायगढ़ तमनार
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड, गारे पेलमा IV/4, बनखेता के तहत काम करने वाले श्रमिकों ने कंपनी पर गंभीर और चुभते आरोप लगाए हैं। श्रमिकों का कहना है कि धनसार इंजीनियरिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने मजदूरों को बंधुआ मजदूर की तरह बना दिया है।
पिछले तीन महीनों से मजदूरों को पूरे महीने के बजाय केवल 10 से 15 दिन ही काम दिया जा रहा है। बाकी दिन उन्हें खदान में बुलाकर बिठा दिया जाता है, लेकिन मजदूरी का एक पैसा भी नहीं मिलता। कंपनी के अफसर पूछने पर गोलमोल जवाब देने के बजाय सीधे धमकी देते हैं – “जो करना है कर लो, कंपनी देख लेगी।”
यह खुला उल्लंघन है माइन एक्ट 1952 और माइन रूल्स 1955 का। यानी कानून ताक पर और मजदूरों की जिंदगी रसातल में।
मजदूर बोले – “हम मेहनत से काम कर रहे हैं लेकिन कंपनी हमारी रोटी तक छीन रही है।”
हर माह आधा वेतन रोक कर कंपनी मजदूरों को आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना दे रही है।
स्थिति यह है कि श्रमिकों के परिवार भुखमरी की कगार पर पहुँच गए हैं।
श्रमिकों ने कलेक्टर से मांग की है कि धनसार इंजीनियरिंग कंपनी की मनमानी पर तत्काल नकेल कसी जाए, मजदूरों को महीनेभर का काम मिले और बकाया पगार का भुगतान कराया जाए।
अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन कंपनी के इस खुले शोषण पर कार्रवाई करेगा या मजदूरों की पुकार यूं ही दबा दी जाएगी?

EDITOR VS KHABAR
