रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक की ग्राम पंचायत बुड़िया आज ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी। सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त होकर लौटे दयाराम नायक जी जब अपने गृह ग्राम पहुँचे तो पूरा गाँव उत्साह और गर्व से झूम उठा।
गाँव की गलियों में डोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी, फूलों की वर्षा हुई और ग्रामीणों ने अपने वीर सपूत का जोरदार स्वागत किया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उनके आगमन पर उमंग से भर उठे। वातावरण “भारत माता की जय” और “जय हिंद” के नारों से गूंजायमान हो गया।

भावुक क्षण और युवाओं के लिए संदेश
गाँव लौटने पर दयाराम नायक जी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा –
“मेरे लिए यह क्षण अविस्मरणीय है। मैंने जीवन भर देश की सेवा को ही अपना धर्म माना और अब जब अपने गाँव की मिट्टी पर लौट रहा हूँ, तो यह सम्मान मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।”
साथ ही उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि –
“राष्ट्र की सेवा ही सच्चा जीवन है। आप सब आगे बढ़ें और देश को अब्बल बनाने का संकल्प लें।”
गाँव में गर्व और उत्सव का माहौल
ग्राम पंचायत बुड़िया के लोग इस दिन को गौरव दिवस मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दयाराम नायक जी जैसे वीर सपूत की बदौलत ही गाँव और क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। उनकी सेवाओं को स्मरण करते हुए ग्रामवासी गर्व से कहते हैं –
“यह सम्मान सिर्फ दयाराम नायक जी का नहीं, बल्कि पूरे गाँव का सम्मान है।”
उनकी वापसी ने गाँव में उत्सव का माहौल बना दिया और यह क्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए एक देशभक्ति की प्रेरणा बन गया।
जय हिंद – भारत माता की जय

EDITOR VS KHABAR
